अपने बच्चों को सही सीख दें: लोन लेना बुरी बात है, बच्चों के मन से यह धारणा दूर करना जरूरी है, इसे कब लेना अच्छा और कैसे बुरा है, यह भी बताएं

अपने बच्चों को सही सीख दें: लोन लेना बुरी बात है, बच्चों के मन से यह धारणा दूर करना जरूरी है, इसे कब लेना अच्छा और कैसे बुरा है, यह भी बताएं

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  • एक ऋण लेना एक बुरी बात है, बच्चों के मन से इस धारणा को दूर करना आवश्यक है, यह भी बताएं कि यह कब अच्छा है और इसे लेने के लिए कितना बुरा है।

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जमना सुखदेव, बैंककर2 घंटे पहले

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कर्ज लेना बुरी बात है। बच्चों की धारणा आम तौर पर होती है। लेकिन, यह सही नहीं है। मसलन, अगर कोई पढ़ाई या मकान के लिए लोन लेता है तो यह अच्छी बात है, लेकिन रोज के आम खर्चे पूरे करने के लिए लोन लेना गलत बात है। वास्तव में अध्ययन और मकान जैसी बड़ी जरूरतोंें पूरी करने के लिए अकसर हमारी बचत कम पड़ती है। यह कमी पाटने के लिए लोन लेना गलत नहीं है। इसे ऐसी समझें कि कोई काम समय पर पूरा करने में अगर पैसे की कमी बाधा बन रही है तो उसे न करने या टालने से बेहतर है कि लोन ले लिया जाए।

शोम बंसल आज मिठाई बांट रहे हैं, लेकिन अगर वह समय पर 20 लाख रुपए का लोन लेकर बेटे सिद्धार्थ को पढ़ने के लिए विदेश न भेजते तो हो सकता है कि उतने खुश नहीं होते, जितने अभी हैं। सिद्धार्थ की पढ़ाई पूरी हो गई है और अब वह नौकरी कर रही है। उन्होंने लोन चुकाना शुरू कर दिया है और कहते हैं कि छोटी बहन को डॉ बनाने का खर्च भी वही उठाएगा। बंसल कहते हैं कि यदि उन्होंने लोन न लिया होता तो यह सब संभव नहीं होता।

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इन मामलों में लोन अच्छे हैं

पढ़ाई के लिए

प्रोफेशनली सफल होने के लिए एक खास उम्र में ही पढ़ाई पूरी होनी चाहिए। पैसे की कमी के कारण कोई विशेष विश्वविद्यालय, स्कूल या इंस्टीट्यूशन में पढ़ने की योजना टली नहीं हो सकती है। ऐसे में यदि एजुकेशन लोन लेते हैं तो इसमें कोई गलत बात नहीं है। ऐसे लोन की किश्तें पूरी तरह से होने के एक साल बाद या नौकरी लगने के 6 महीने बाद शुरू होती हैं। उससे पहले केवल ब्याज चुकाना होता है।

मकान के लिए

अपने घर का सपना पूरा करने के लिए होम लोन लेने में कुछ गलत नहीं है। वैसे भी हम हर महीने घरों का किराया तोतेते ही हैं। सच में मकान ऐसी जरूरत है, जिसे हर हाल में पूरा करना होता है। चाहे हमरे के मकान में रहें या अपने घरों में, रहने के लिए घर तो चाहिए ही। यह लोन की किश्तों के रूप में धीरे-धीरे पैसे जोड़कर एक बड़ी प्रॉपर्टी खड़ी करने जैसा मामला है।

व्यापार के लिए

कई बार हमारे पास व्यवसाय का जोरदार आइडिया होता है, लेकिन पूंजी नहीं होने के कारण हम उस पर काम नहीं कर पाते हैं। ऐसी जरूरत लोन से पूरी की जा सकती है। वास्तव में यह एक तरह का निवेश है, जो आगे चलकर मुनाफा दिलाएगा और लोन चुकाना आसान हो जाएगा। यह पूंजी से पूंजी बढ़ाने जैसा मामला है। जैसे खेत से फसल लेने के लिए उसमें बीज और खाद डालनी पड़ती है।

ऐसे मामलों में लोनबिल हैं

1. गैर-जरूरी वस्तुएं, खरीदारी या मौज-मस्ती के खर्च के लिए लोन लेने वाली बात है। बच्चों की धारणा आम तौर पर होती है। लेकिन, यह सही नहीं है। मसलन, अगर कोई पढ़ाई या मकान के लिए लोन लेता है तो यह अच्छी बात है, लेकिन रोज के आम खर्चे पूरे करने के लिए लोन लेना गलत बात है।

2. लोन लेने में हैसिटी का ध्यान न रखना। ऐसे में किश्तें भारी पड़ती हैं।

3. एक के बाद एक ढेर सारे लोन के बारे में अपने ऊपर कर्ज का बोझ उठाना।

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