भास्कर इंटरव्यू: 'मर्द को दर्द नहीं होता' एशिया की टॉप 40 एक्शन फिल्मों में शामिल, फिल्म के एक्टर अभिमन्यु बोले- किरदार की खातिर 3 महीने तक घर में किसी से बात नहीं की थी

भास्कर इंटरव्यू: ‘मर्द को दर्द नहीं होता’ एशिया की टॉप 40 एक्शन फिल्मों में शामिल, फिल्म के एक्टर अभिमन्यु बोले- किरदार की खातिर 3 महीने तक घर में किसी से बात नहीं की थी

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  • ‘मर्द को दरद नहीं होटा’ एशिया की शीर्ष 40 एक्शन फिल्मों में शामिल है, फिल्म के अभिनेता अभिमन्यु ने कहा कि चरित्र के लिए 3 महीने तक सदन में किसी से बात नहीं करनी चाहिए।

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10 मिनट पहलेलेखक: उमेश कुमार उपाध्याय

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अभिमन्यु दसानी स्टारर ‘मर्द को दर्द नहीं होता’ फिल्म टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल की बस्ट एक्शन और मंगल कलाकार फिल्म की 40 वें लिस्ट में अपनी जगह बना ली है। फिल्म ‘मर्द को दर्द नहीं होता’ में 16 वें स्थान पर है। इसे लेकर खुशी व्यक्त करते हुए अभिमन्यु ने दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में इसकी तैयारी आदि के बारे में बताया।

Q- जब आप फाइनेंस को छोड़कर एक्टिंग में करियर बनाने आए, तब आपकी मां बहुत घबराई हुई, आज मिल रहे अवॉर्ड-रिवॉर्ड पर मां क्या कह रही हैं?

ए-मम बहुत खुश हैं कि मैंने अपना खुद का रास्ता चुना और मैं अपने खुद के पैरों पर खड़ा हुआ हूं। जो भी लोग उन्हें भरोसा दिलाया कि मेहनत और संघर्ष से आज, कल, परसों कभी न कभी तो फल ही मिलेगा। मुझे खुशी है कि मैंने पेशेंस रखा और मैम को प्राउड फील कराया।

प्रश्न- फिल्म ‘मर्द को दर्द नहीं होता’ को मिली उपलब्धि पर क्या कहना है?

ए-बहुत अच्छा लगता है कि टीम ने ईमानदारी के साथ जो मेहनत की है, उसका एप्रिसिएशन उन्हें सारी जगहों से मिल रहा है। फिल्म को रिलीज होने के दो साल हो गए हैं। अब देखता हूं कि जो फिल्म के डीओपी, स्टाइलिश, आदि हैं, वह बड़ी-बड़ी फिल्में कर रहे हैं और अपनी जिंदगी में बहुत सफल हो गए हैं। वह नए मुकाम पर आए हैं और यह देखकर बहुत खुशी होती है। आंतरिक अवार्ड और एप्रिसिएशन मिलने पर तो बहुत ही अच्छा लगता है। काश! यहां भी थोड़ा प्यार मिल जाए और लोग फिल्म को देख लें क्योंकि एक्चुअल में हमने फिल्म इंडिया के लिए बनाई थी। पर फिल्म को इंटरनेशनल और क्रिटिक्स का एप्रिसिएशन मिल गया है, अब एक कॉन्फिडेंस भी आया है कि जो कर रहे हैं वह सही है और हमें इस तरह से रहना चाहिए।

प्र- इसके लिए एक्शन सीखने और एक्टिंग करने की कोई चुनौती पूरी नहीं होगी?

ए-इस फिल्म के लिए मैंने शिफ्टिंग में मंगल कलाकार सीखा था और उसका 9 महीने का प्रशिक्षण पीरियड था। दिन में 7 से 8 घंटे लगातार प्रशिक्षण हुआ था। सुबह 3 घंटे और शाम को 3 घंटे मंगल कलाकार और दिन में वेट प्रशिक्षण और तैराकी करता था। साथ में बायोलॉजी पर काफी स्टडी कर रहा था कि इंगारी कैसे होता है, उसे रिसते कैसे हैं और उससे रिकवर कैसे करते हैं क्योंकि यह सब चीज़ सूर्या के उत्तरलेज के लिए बहुत इंपार्टेंट था। नेक्टर के लिहाज से सूर्य वेल नॉर्मल चाइल्ड नहीं था। उसका किरदार प्ले करना, उसका कोई एंबिशन नहीं होना, सोशीलिंग का तरीका नहीं होना चाहिए, वह सब मुझसे सीख चुकी है। हम सोसाइटी से जो सीखकर आए हैं, उसे ब्रेकडाउन करना पड़ा और यह सब काफी मेहनत करते हुए पड़ी सूर्या के नैक्टर में घुसने के लिए। लास्ट के तीन महीने सिर्फ ट्रेनर और डायरेक्टर को छोड़कर मैं किसी से बात नहीं करता था क्योंकि सूर्या की टैटू यही था कि वह घर पर खाली अपने पिता जी से बात कर पाता था। उसे बाहर से किसी से बात करने का तरीका नहीं आता और नॉलेज नहीं था और इसे अंडरस्टैंड करने के लिए मैंने तीन महीने घर पर भी किसी से बात नहीं की।

Q- क्या आप कोई एक्शन फिल्म कर रहे हैं?

ए-अभी तो नेटफ्लिक्स की अप्कमिंग रोमांटिक कॉमेडी फिल्म ‘मीनाक्षी सुंदरेश्वर’ कर रही हूं। इसे विवेक सोनी डायरेक्ट कर रहे हैं। दूसरी फिल्म को शब्बीर खान डायरेक्ट कर रहे हैं और वह फिल्म ‘निकम्मा’ है। इसमें शिल्पा शेट्टी, अनिल कपूर आदि हैं। इसके अलावा उमेश शुक्ला के साथ फिल्म ‘आंख मिचौली’ कर रही हूं और ये सबमें मेरा बड़ा इंटरगेस्टिंग सेक्टर है।

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