मांओं को अलर्ट करने वाली रिसर्च: प्रेग्नेंसी में पोषक तत्वों की कमी होने पर बच्चों में मोटापे का खतरा ज्यादा, इन बातों का रखें ध्यान

मांओं को अलर्ट करने वाली रिसर्च: प्रेग्नेंसी में पोषक तत्वों की कमी होने पर बच्चों में मोटापे का खतरा ज्यादा, इन बातों का रखें ध्यान

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  • बच्चे मोटापे के खतरे से ग्रस्त हैं यदि वे गर्भावस्था के दौरान आहार में पोषण की कमी से पीड़ित हैं

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5 घंटे पहले

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गर्भवती महिलाओं पर हालिया अनुसंधान चौंकाने वाला है। अमेरिकी वैज्ञानिकों का कहना है कि प्रेग्नेंसी के दौरान अगर मां का खानपान पौष्टिक नहीं है तो भविष्य में इसका असर बच्चे पर दिखता है। ऐसे बच्चों में फैट की अधिक मात्रा पाई जाती है और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। यह दावा है कि आयरिश के यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन ने किया है।

बचपन में मोटापा और बड़े होने पर डायबिटीज का खतरा
शोधकर्ता कहते हैं, प्रेग्नेंसी के दौरान जिन महिलाओं को भोजन में पर्याप्त पोषक तत्व होते हैं, उनके बच्चों में मोटापा नहीं दिखाई देता है। फैट का स्तर भी कम रहा। रिसर्चर लींग-वे चेन के मुताबिक, बच्चों में बचपन से ही मोटापा बढ़ता है तो उनमें आगे चलकर कई बीमारियां होने की आशंका रहती है, जैसे- टाइप -2 डायबिटीज।

अनुसंधान में 16,295 माता और उनके बच्चों का डेटा शामिल किया गया है। इनमें आयरिश, फ्रांस, ब्रिटेन, नीदरलैंड और पोलैंड के मामले भी शामिल हैं। अनुसंधान में शामिल मांओं की औसत आयु 30 वर्ष थी। माओं ने प्रेग्नेंसी से पहले और प्रेग्नेंसी के दौरान क्या ग्रहण किया, इस पर नजर रखी गई।

गर्भवती महिला का भोजन ऐसा होना चाहिए

एक्सपर्ट्स कहते हैं, प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड और विटामिंस की कमी नहीं होनी चाहिए। खाने में मौसमी फल और सब्जियों से इनकी कमी पूरी की जा सकती है। जानिए, गर्भवती महिलाओं को डाइट में कौन सी चीजें शामिल करनी चाहिए …।

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ये 5 बातें हमेशा ध्यान रखें

  • अगर प्रेग्नेंट हैं तो मॉर्निंग वॉक और योग जैसी हल्की एक्सरसाइज कर सकते हैं। इस दौरान भारी वजन न उठाएं। ध्यान रखें अगर आपको अस्थमा, हार्ट डिजीज, डायबिटीज, ब्लीडिंग या अन्य समस्याएं हैं तो एक्सरसाइज करने से पहले डॉ की सलाह जरूर लें।
  • अक्सर पहली तारीख के दौरान कई कठिनाईयों के सामने आते हैं जैसे ब्लड में हीमोग्लोबिन की कमी, ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव, किडनी से जुड़ी समस्या आदि। इसलिए प्रेग्नेंसी प्लान करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।
  • ब्लड में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य (10-12) से कम होने पर एनीमिया की शिकायत होती है। लौहयुक्त चीजों को भोजन में शामिल करके इसे सामान्य बनाया जा सकता है।
  • स्वस्थ व्यक्ति का ब्लड प्रेशर 140/90 होना चाहिए। अगर इसमें मामूली उतार-चढ़ाव हो तो तनाव से दूर रहें और भोजन का ध्यान रखें। फिर भी कंट्रोल न होने पर डॉक्टरी सलाह लें।
  • ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और दूसरी सामान्य विशेषताएं प्रेग्नेंसी से पहले करणी जरूरी हैं। ऐसे में यदि कोई कठिनाई सामने आती है तो डॉक्टर के बताए ने एहतियात बरतें।

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